:
Breaking News

Bihar Crime: तीन महीनों में 45 करोड़ की नशीली दवाएं पकड़ी गईं, पटना में बड़ा ड्रग सिंडिकेट बेनकाब

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

पटना पुलिस ने तीन महीनों में 45 करोड़ से अधिक के ड्रग्स जब्त किए। नशे के संगठित नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई, SIT गठित।

पटना/आलम की खबर:बिहार की राजधानी पटना में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पिछले तीन महीनों के भीतर पुलिस ने करीब 45 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के नशीले पदार्थ जब्त किए हैं। यह कार्रवाई शहर में तेजी से फैल रहे संगठित ड्रग नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

पुलिस द्वारा जब्त किए गए नशीले पदार्थों की सूची चौंकाने वाली है। इनमें एंटी वेनम सिरम, बूप्रेनोरफीन इंजेक्शन, एविल इंजेक्शन और कोडीन युक्त प्रतिबंधित कफ सिरप शामिल हैं। ये सभी दवाएं सामान्य तौर पर चिकित्सा उपयोग के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन हाल के वर्षों में इनका दुरुपयोग नशे के रूप में तेजी से बढ़ा है।

विशेष रूप से एंटी वेनम सिरम, जो आमतौर पर सांप के काटने के इलाज में उपयोग होता है, उसका गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाना बेहद चिंताजनक है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की दवाओं का अनियंत्रित और अवैध उपयोग युवाओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला है कि कुल बरामदगी का लगभग 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा शहर के पूर्वी इलाकों से हुआ है। इससे साफ संकेत मिलता है कि इन क्षेत्रों में एक मजबूत और संगठित ड्रग नेटवर्क सक्रिय है, जो लंबे समय से अवैध कारोबार में लगा हुआ है।

इस नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस ने एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। पूर्वी पटना के एसपी परिचय कुमार के नेतृत्व में बनाई गई इस टीम में कई थाना क्षेत्रों के अधिकारियों को शामिल किया गया है, ताकि समन्वित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके। इसमें पत्रकार नगर, चित्रगुप्त नगर, सुल्तानगंज, बहादुरपुर, गोपालपुर और मुसल्लहपुर जैसे क्षेत्रों की पुलिस इकाइयों को जोड़ा गया है।

6 अप्रैल 2026 को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने बड़ी छापेमारी की। इस कार्रवाई में 9,370 यूनिट नशीले इंजेक्शन और 5,537 यूनिट कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद किए गए। इसके अलावा एंटीबायोटिक और अन्य दवाओं की भी बड़ी खेप जब्त की गई, जिनका इस्तेमाल नशे के तौर पर किया जा रहा था।

अप्रैल महीने में लगातार की गई छापेमारियों ने इस नेटवर्क की गहराई को उजागर किया। 13 अप्रैल को हुई एक बड़ी कार्रवाई में 78,000 एम्पुल इंजेक्शन बरामद किए गए, जो इस पूरे अभियान की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है। यह बरामदगी इस बात का संकेत है कि नशे का यह कारोबार कितने बड़े पैमाने पर फैल चुका है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि बूप्रेनोरफीन और एविल इंजेक्शन को मिलाकर एक खतरनाक नशा तैयार किया जाता है, जिसका असर कई घंटों तक बना रहता है। इस नशे की लत खासकर युवाओं के बीच तेजी से फैल रही है, जो समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है।

इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सरगना नीरज बताया जा रहा है, जो फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। साथ ही उसकी अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों की भी जांच की जा रही है, ताकि उसे आर्थिक रूप से भी कमजोर किया जा सके।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उनका मानना है कि नशे के इस कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए सख्त और निरंतर कार्रवाई जरूरी है।

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है, लेकिन साथ ही यह मांग भी की है कि इस तरह की कार्रवाई को और तेज किया जाए, ताकि युवाओं को नशे की लत से बचाया जा सके।

विशेषज्ञों के अनुसार, नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग को इसमें भागीदारी निभानी होगी। परिवार, स्कूल और समाज को मिलकर जागरूकता फैलानी होगी, ताकि इस समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके।

कुल मिलाकर, पटना में हुई यह कार्रवाई नशे के खिलाफ एक बड़ा कदम है, लेकिन यह लड़ाई अभी लंबी है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने में कितनी सफल होती है और क्या समाज इस अभियान में उसका साथ देता है।

यह भी पढ़ें

समस्तीपुर में एटीएम काटकर चोरी

वैशाली में परिवार पर चाकू से हमला

औरंगाबाद में बंद घर में लाखों की चोरी

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *